जाना चाहते नहीं मगर जाएँ शायद अब हम रोते-रोते घर जाएँ शायद तेरे जाने से भरे दरिया सूखे हैं हम वक़्त से पहले भी मर जाएँ शायद
Related Sher
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
157 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
More from Neeraj Nainkwal
तुम जो होते ख़ूब-सूरत होती और भी ज़िंदगी पर रदीफ़ों के बिना भी ग़ज़लें ग़ज़लें होती हैं
Neeraj Nainkwal
0 likes
वक़्त के साथ जो कल बदल सकते हैं आज ही मेरे दिल से निकल सकते हैं आप वापस नहीं लौटना चाहते आप बिल्कुल मेरे साथ चल सकते हैं
Neeraj Nainkwal
0 likes
तीरगी जैसे निकलती है दिए की रौशनी से एक दिन मैं भी चला जाऊँगा तेरी ज़िंदगी से
Neeraj Nainkwal
0 likes
काग़ज़ में कविता बनकर रह जाएगी ये इक लड़की बाहों में रहने वाली
Neeraj Nainkwal
0 likes
रोज़ हिना के हाथों से तुम लाओगी इक गिलास जिस में दूध-मिसरी होनी है
Neeraj Nainkwal
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Neeraj Nainkwal.
Similar Moods
More moods that pair well with Neeraj Nainkwal's sher.







