जब भी कहता हूँ कब मिलेंगे हम टाल देता है क्या पता कह कर
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
More from Shadab Javed
मैं पहले झूठ पर हकलाया उस सेे फिर उस के बा'द माहिर हो गया था
Shadab Javed
27 likes
किसी ने अपने मुक़द्दर का रोना रोते हुए किसी के कार्ड के बोसे सँभल-सँभल के लिए
Shadab Javed
29 likes
अगर तू ख़ुश है मेरी हार से तो मेरी हर जीत से नफ़रत है मुझ को
Shadab Javed
27 likes
किसी के साथ वो दो पाँव आज चलने लगे हम अपनी आँख के साथ हाथ भी मसलने लगे
Shadab Javed
34 likes
तू परिंदा है किसी शाख़ को घर कर लेगा जो तेरे हिज्र का मारा है किधर जाएगा
Shadab Javed
34 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shadab Javed.
Similar Moods
More moods that pair well with Shadab Javed's sher.







