झूठा इक किरदार निभाने आए हैं अपना ही दरबार सजाने आए हैं जिन की चलती नहीं घरों में ख़ुद की भी वो भी अब सरकार बनाने आए हैं
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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तुम हुई हो जो चाहत किसी और की थी हमेशा से मन्नत किसी और की दूर जाना पड़ेगा तुम्हें एक दिन क्योंकि तुम हो अमानत किसी और की
Naimish trivedi
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नैन खारे लिए हम को जीना पड़ा दर्द सारे लिए हम को जीना पड़ा वक़्त के साथ जीना कठिन था मगर बस तुम्हारे लिए हम को जीना पड़ा
Naimish trivedi
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कथा जब ख़त्म होगी तो कथा का सार बोलेगा सभी इंसान बोलेंगे सदा संसार बोलेगा सुनाने जो तुम्हें आया, सुनाकर ही मैं जाऊँँगा अगर कुछ रह गया मुझ सेे, मेरा किरदार बोलेगा
Naimish trivedi
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ये आँखें अब ख़्वाब नए क्यूँ देखेंगी इन आँखों में ख़्वाब तुम्हारे ठहरे थे
Naimish trivedi
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हाथ से जब निकलने लगी ज़िन्दगी लोग रटने लगे ज़िन्दगी ज़िन्दगी छोड़ जाएगी तुम को भी बस एक दिन है नहीं ये किसी की सगी ज़िन्दगी
Naimish trivedi
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