जिस्म तोड़ती है पास की मोहब्बत कोई है मोहब्बत तो वो दूर अच्छी
Related Sher
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
More from Rohit Kumar Madhu Vaibhav
ले गया कोई उस का बदन और हम रूह का एक नारा लगाते रहे
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
मिल-मिला के एक लड़की से वो गंगा घाट की सोएँगे फिर चैन से हम नर्मदा की गोद में
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
तुम हमें जिन दिनों रुला गई हो हम नहीं कुछ अधिक ही हँस रहे हैं
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
इक फूल पर कैसे कोई ठहरे होती ही है चंचल तितली रानी
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
चाहते थे इश्क़ में तो कम से कम निकले यार कैसे और किस विष से ये दम निकले
Rohit Kumar Madhu Vaibhav
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rohit Kumar Madhu Vaibhav.
Similar Moods
More moods that pair well with Rohit Kumar Madhu Vaibhav's sher.







