जो दोस्तों से भी छुपाया मैं ने तुम वो राज़ थी हमें तो बे-वफा़ई भी सिखाई, तेरे इश्क़ ने तुम्हें ख़याल में भी जब छुआ तो बा-वुजू़ छुआ शराबी को सिखाई पारसाई, तेरे इश्क़ ने
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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तुरफ़ा-ओ-चेहरा-ए-तरब थी तुम जीने का इक फ़क़त सबब थी तुम था मुलाज़िम ख़ुदा का इस ख़ातिर दिल-ए-मज़दूर की कसब थी तुम
Faiz Ahmad
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तिरे जाने का मिरा गैज़ कम नहीं हो रहा कि गुनाह कर के भी कोई ग़म नहीं हो रहा
Faiz Ahmad
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तुम्हारे ग़म को मगर ओढ़े रक्खा तीनों दिन मैं चाहता तो मना सकता था तेरे बिन ईद
Faiz Ahmad
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सोचता हूँ के सब फ़ना कर दूँ खेंच के अपना दिल जुदा कर दूँ अब मोहब्बत से नज़रें फेर लीं हैं तू मिले भी तो अब मना कर दूँ
Faiz Ahmad
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रुख़-ए-निगाह-ए-आतिशा से कलाम कर के आ रहे हैं हम उन निगाहों को सर-ए-रह सलाम कर के आ रहे हैं
Faiz Ahmad
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