जो कहता है कि अच्छी कट रही है उसी से सारी बस्ती कट रही है कहीं पर कोई शहज़ादा खड़ा है कहीं दाँतों से उँगली कट रही है
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
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सब सेे बेज़ार हो गया हूँ मैं ज़ेहनी बीमार हो गया हूँ मैं कोई अच्छी ख़बर नहीं मुझ में या'नी अख़बार हो गया हूँ मैं
Mehshar Afridi
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हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोग रो-रो के बात कहने की आदत नहीं रही
Dushyant Kumar
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सारी रात लगाकर उसपर नज़्म लिखी और उस ने बस अच्छा लिखकर भेजा है
Zahid Bashir
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उस की तस्वीर से अक्सर मैं कहा करता हूँ बे वफ़ा तू है मगर मैं तो वफ़ा करता हूँ
Muneer shehryaar
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तुम सेे दिल को यही शिकायत है ये मोहब्बत है या अदावत है
Muneer shehryaar
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वो जो नज़रों से दूर होते हैं वो ही दिल के सुरूर होते हैं वो ही करते हैं ज़िंदगी काली वो जो आँखों के नूर होते हैं
Muneer shehryaar
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मैं रोना भी अगर चाहूँ तो खुल कर रो नहीं पाता अदा अश्कों का हक़ मुझ सेे कभी भी हो नहीं पाता
Muneer shehryaar
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कितनी मासूमियत है उस में ये पास जा कर उसे बताऊँगा
Muneer shehryaar
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