कब अदालत किसे बरी कर दे फ़ैसला अब अटल नहीं होता शूल बोते हैं पाँव के नीचे सच पे चलना सरल नहीं होता
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
127 likes
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
140 likes
दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
139 likes
More from Tarique Jamal
सूखते पेड़ में जान आ ही गई ज़ख़्म को आपने जब हरा कह दिया
Tarique Jamal
0 likes
सुनी है ये ख़बर जबसे भरोसा उठ गया मेरा दवाई खा रहे थे जो दवाई खा गई उन को
Tarique Jamal
0 likes
कौन सुनता है अब बुजुर्गों की कौन बरगद की छांव में बैठे
Tarique Jamal
0 likes
रूह का जिस्म से जुदा होना आप की हम कमी समझते हैं
Tarique Jamal
0 likes
झूठ कहते हैं जान हाज़िर है कोई मरता नहीं मुरव्वत में
Tarique Jamal
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Tarique Jamal.
Similar Moods
More moods that pair well with Tarique Jamal's sher.







