कभी पहले बहुत पहले कहा था जैसा साहिब ने मुझे पहचानता है अब तो सबके हाथ का पत्थर
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं
Jawwad Sheikh
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मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
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मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
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भेज देता हूँ मगर पहले बता दूँ तुझ को मुझ से मिलता नहीं कोई मिरी तस्वीर के बा'द
Umair Najmi
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ये मुझ से बिछड़ना तो पहला क़दम था अभी तुम यहाँ और माहिर बनोगे
Amit Rajvanshi 'Guru'
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ये मेरी मुश्किल कोई मुश्किल थोड़ी है गर वो मुश्किल में होता तो मुश्किल होती
Amit Rajvanshi 'Guru'
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ये मसअला नहीं है अब मुझ को क्या लगेगा जो चाहो बोल दो तुम मुझ को भला लगेगा लाखों शिकायतें हैं इस लहजे से तुम्हारे मैं ने बता दिया तो तुम को बुरा लगेगा
Amit Rajvanshi 'Guru'
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यहाँ तो खेल सारा रौशनी का है यहाँ दीए के जलने से किसी को क्या
Amit Rajvanshi 'Guru'
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सब बताना पड़ रहा है दिल दुखाना पड़ रहा है मेरा दुख ये है कि मुझ को मुस्कुराना पड़ रहा है
Amit Rajvanshi 'Guru'
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