कभी फूलों से कहता है कभी भॅवरों से कहता है कभी ये दिल मेरा चुप चाप ही हर दर्द सहता है यक़ीं मानो मैं अपना राज़ ए दिल तुम को बताता हूँ जो मेरे दिल का दुश्मन है वो मेरे दिल में रहता है
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इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हारे बिन गुज़ारी रात के बस दो ही क़िस्से हैं कभी हिचकी नहीं रुकती कभी सिसकी नहीं रुकती
Ankita Singh
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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तुझे ख़बर भी है ऐ बे-वफ़ा हज़ारों ने हयात काट दी रो रो के ग़म के मारों ने मिलूँ मैं चाँद से अपने तो किस तरह से मिलूँ फ़लक को घेर लिया है कई सितारों ने
Zeeshan kaavish
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वो मुहब्बत का तलबगार नहीं हो सकता जो सितमगर है उसे प्यार नहीं हो सकता तेरे होते हुए जो चाँद का दीदार करे कुछ भी होगा वो समझदार नहीं हो सकता
Zeeshan kaavish
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वो ही मुझ को गिराने वाला है जिस को गिरते हुए सँभाला है दिल को पत्थर बनाया था मैं ने उस ने पत्थर भी तोड़ डाला है
Zeeshan kaavish
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काम मुश्किल था मगर कर जाता ज़ख़्म-ए-दिल मेरा कोई भर जाता सिगरटों ने मुझे बचाया है गर न पीता इन्हें तो मर जाता
Zeeshan kaavish
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उन की आँखों से जब से पी यारो छोड़ दी तब से मय-कशी यारो रात को छत से चाँद जब देखा याद उन की फिर आ गई यारो
Zeeshan kaavish
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