कभी तुम सेे थी नाराज़ी कभी तुम सेे शिकायत थी ज़माना वो भी गुज़रा जब हमें तुम सेे मोहब्बत थी बँधाता रह गया ढाढस दिया जो रातभर जलकर कहा सबने हुई जब सुब्ह उसे जलने की आदत थी
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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तू ख़याल रख अपना मैं ख़याल रख लूँगा है तुझे मोहब्बत तो मैं मिसाल रख लूँगा मैं अगर तुझे दूँगा जो जवाब भी अपने तो तेरे भी होंठों पे मैं सवाल रख लूँगा
Umashankar Lekhwar
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रूठ सा गया है कुछ मुझ सेे ये नज़ारा भी रह गया न ख़्वाबों में अब मेरे सितारा भी वो है चाँद जिस सेे है ये मेरा जहाँ रौशन मैं चमक भी जाऊँ तो बन सकूँ न तारा भी
Umashankar Lekhwar
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मोहब्बत के अलावा अब न होगा रास्ता कोई नहीं महबूब तो तुझ सेे न होगा वास्ता कोई
Umashankar Lekhwar
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रहेगा अब अगर ग़म ज़िन्दगी भर तो रहेगा ये तेरा आशिक़ हुआ मैं बस तेरी आदत न हो पाया
Umashankar Lekhwar
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शामिल मेरा है नाम उन में आप को जो याद है मिलना कभी आ कर हमें फिर,आपसे फ़रियाद है बातें हज़ारों याद आती हैं हमें क्यूँ, क्या पता जो है मगर ये जान लो बस आप के वो बा'द है
Umashankar Lekhwar
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