कमा लो नाम चाहे जितना भी पर गाँव में तो दोस्त बुजुर्गों की सभी को आज भी पहचान लगती है
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तुझ से हम फ़ासले बुनकर के ही कुछ सोचेंगे अब ही सोचा तो अज़ीयत से ही मर जाएँगे
Aditya Maurya
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समझने में उस को न हो मुझ से ये भूल कि कोई तो मुझ को समझदार कर दे
Aditya Maurya
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वक़्त के ही साथ घट जाएँ तो अच्छा दरमियाँ दोनों के जितनी दूरियाँ हो तुम को अपना कह दिया सो सब है मंज़ूर जितनी भी अब यार तुझ में ख़ामियाँ हो
Aditya Maurya
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जो पहलू में है तन्हाई है मेरे दोस्त यही अपनी शनासाई है मेरे दोस्त
Aditya Maurya
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हम उस की तमन्ना में यूँँ हो गए थे पागल जब वो मिला तो उस को दुत्कार दिया हम ने
Aditya Maurya
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