वक़्त के ही साथ घट जाएँ तो अच्छा दरमियाँ दोनों के जितनी दूरियाँ हो तुम को अपना कह दिया सो सब है मंज़ूर जितनी भी अब यार तुझ में ख़ामियाँ हो
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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तुझ से हम फ़ासले बुनकर के ही कुछ सोचेंगे अब ही सोचा तो अज़ीयत से ही मर जाएँगे
Aditya Maurya
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कुछ न कुछ कहके सबने किनारा किया सो सुना सब वही फिर दुबारा किया है अना में छुटा ख़ूब-सूरत वो शख़्स हम ने नुक़सान ख़ुद ही हमारा किया
Aditya Maurya
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ज़िंदगी आसाँ नहीं सो इस लिए भी 'आदि' अब जान से प्यारा तो कोई दोस्त होना चाहिए
Aditya Maurya
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कमा लो नाम चाहे जितना भी पर गाँव में तो दोस्त बुजुर्गों की सभी को आज भी पहचान लगती है
Aditya Maurya
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चाह कर भी मुझ को ये छोड़ना नहीं है दर्द मेरे में किसी की ये आख़िरी निशानी है
Aditya Maurya
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