कहने को तो दुनिया तेरी बहुत बड़ी सी है मौला मेरे ग़म के आगे लेकिन कितनी छोटी है मौला तू भी तो हरदम केवल उस की ही सुनता रहता है दुनिया भी तेरी बिल्कुल ही तेरे जैसी है मौला
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मुझे बातें नहीं तेरी मोहब्बत चाहिए थी मुझे अफ़सोस है ये मुझ को कहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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राम होने में या रावण में है अंतर इतना एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है
Kumar Vishwas
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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मनाने को शहंशाह तो कभी शाह कह रही हो जो मेरी जाँ तुम मुझे इक बार अपना क्यूँ नहीं कहती
Aatish Alok
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आज क़ब्रगाहों में हैं पड़े हुए जिन को लगता था ख़ुदा इक दिन आएगा बचाएगा
Aatish Alok
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कान्हा बनें आतिश भला क्योंकर कहो राधा को ही रुक्मणि बनाना है उसे
Aatish Alok
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माँग नहीं भर पाया उस की दो आँखों को भर आया हूँ
Aatish Alok
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तैरने की कश्मकश में डूबते देखा है सब को डूबने वाले को सचमुच तैरना आता है लेकिन
Aatish Alok
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