ख़ुदा है संग मेरे हाथ था में हर घड़ी जैसे ज़माने पर ज़फ़र होना मुझे आसान लगता है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ज़िंदगी से ज़िंदगी जब रूठ जाएगी सनम ख़्वाब पाने के मुझे तुम देखना फिर सौ जनम रात को हँसते मिलोगे नींद में बेफ़िक्र तुम और उठते ही सवेरे फिर करोगे आँख नम
Rubball
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अपनी ख़ुशबू उस की साॅंसों में भर आई थी आँखों से सीलन उस की चोरी कर लाई थी फ़ुर्क़त में भी मैं कर लेती हूँ बातें उस से मैं उस का चेहरा हाथों में भर कर लाई थी
Rubball
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हाथ अपनों के थे शामिल लूटने में घर मिरा जाँच रो के कर रहे हैं कुछ नहीं रह तो गया
Rubball
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बे-शक्ल वो सब हाथ थे जो नोचते थे जिस्म को मशहूर चेहरा वो हुआ जिस की गई थी आबरू
Rubball
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आंचल मिरा ख़ाली रहा बरसात की उम्मीद में वो मुझ से पर्दा कर के क्यूँ शब भर भला रोता रहा
Rubball
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