अपनी ख़ुशबू उस की साॅंसों में भर आई थी आँखों से सीलन उस की चोरी कर लाई थी फ़ुर्क़त में भी मैं कर लेती हूँ बातें उस से मैं उस का चेहरा हाथों में भर कर लाई थी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी से ज़िंदगी जब रूठ जाएगी सनम ख़्वाब पाने के मुझे तुम देखना फिर सौ जनम रात को हँसते मिलोगे नींद में बेफ़िक्र तुम और उठते ही सवेरे फिर करोगे आँख नम
Rubball
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हाथ अपनों के थे शामिल लूटने में घर मिरा जाँच रो के कर रहे हैं कुछ नहीं रह तो गया
Rubball
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ख़ुदा है संग मेरे हाथ था में हर घड़ी जैसे ज़माने पर ज़फ़र होना मुझे आसान लगता है
Rubball
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आंचल मिरा ख़ाली रहा बरसात की उम्मीद में वो मुझ से पर्दा कर के क्यूँ शब भर भला रोता रहा
Rubball
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बे-शक्ल वो सब हाथ थे जो नोचते थे जिस्म को मशहूर चेहरा वो हुआ जिस की गई थी आबरू
Rubball
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