कि हम इक सिक्के के दो पहलू है ऐ दोस्त वो नफ़रत करता है, मैं प्यार करता हूँ
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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ये कैसा जादू तू ने कर दिया है मुझ पे मेरी जाँ? किसी को भी मैं देखूँ चेहरा तेरा याद आता है
karan singh rajput
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नया साल भी आने को है मेरे दोस्त पुराना कलैंडर हटाना पड़ेगा
karan singh rajput
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कि तेरे ख़त जलाना चाहते थे हम न जाने हाथ अपना क्यूँँ जला बैठे
karan singh rajput
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याद तुम को भी बहुत आएँगे हम बे-सबब जिस रोज़ मर जाएँगे हम
karan singh rajput
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तुझे गर शर्म आती है पुराने इन लिबासों पे तो मेरी जाँ सड़क पे लोगों को तू बे-लिबादा देख
karan singh rajput
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