कि हम लड़के है हम पर ही ब'अद में दोष आना है मोहब्बत करता है तो कर पर अपना भी मुनाफ़ा देख
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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ये तो बस मेरा मुक़द्दर नईं सही वरना कोई ऐब नईं “दीवानी“ में
karan singh rajput
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वही गुज़रेगी आख़िर में 'करन' मुझ पर जो गुज़री आज तक हर एक आशिक़ पे
karan singh rajput
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रात भर गिरते है आँसू आँख से तब कहीं जा कर सवेरा होता है
karan singh rajput
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इस तरह रूठता है वो इक दोस्त जिस तरह लड़कियाँ रूठती हैं
karan singh rajput
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ज़िन्दगी कब रास आने वाली थी ये तो बस हम ने ही सौदा कर लिया
karan singh rajput
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