ज़िन्दगी कब रास आने वाली थी ये तो बस हम ने ही सौदा कर लिया
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उसे समझने का कोई तो रास्ता निकले मैं चाहता भी यही था वो बे-वफ़ा निकले
Waseem Barelvi
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काम आया तिरंगा कफ़न के लिए कोई क़ुर्बां हुआ था वतन के लिए सोचो क्या कर लिया तुम ने जी कर के दोस्त नस भी काटी तो बस इक बदन के लिए
Neeraj Neer
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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मैं ने बस इतना पूछा था क्या देखते हो भला मैं ने ये कब कहा था मुझे देखना छोड़ दो गीली मिट्टी की ख़ुशबू मुझे सोने देती नहीं मेरे बालों में तुम उँगलियाँ फेरना छोड़ दो
Tajdeed Qaiser
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अपने में'यार से नीचे तो मैं आने से रहा शे'र भूखा हूँ मगर घास तो खाने से रहा
Mehshar Afridi
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ये तो बस मेरा मुक़द्दर नईं सही वरना कोई ऐब नईं “दीवानी“ में
karan singh rajput
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ये कैसा जादू तू ने कर दिया है मुझ पे मेरी जाँ? किसी को भी मैं देखूँ चेहरा तेरा याद आता है
karan singh rajput
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रात भर गिरते है आँसू आँख से तब कहीं जा कर सवेरा होता है
karan singh rajput
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माना उस के हाल पर उस को मैं यूँँही छोड़ आया ये नहीं लेकिन कि रिश्ता ही मैं उस सेे तोड़ आया वो कहीं पर तो मिलेगा मुझ सेे, इतना तो यक़ीं है इस लिए कल ख़ुद को रस्ते पर कहीं मैं छोड़ आया
karan singh rajput
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कमज़ोर ना जानो दिए को ऐं - हवाओं इस तरह ख़ामोश हैं तो क्या बग़ावत भी हो सकती है कभी
karan singh rajput
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