कमज़ोर ना जानो दिए को ऐं - हवाओं इस तरह ख़ामोश हैं तो क्या बग़ावत भी हो सकती है कभी
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ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं
Rahat Indori
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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
Ahmad Faraz
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यही इक खासियत है मुझ में शायद कि अपना ग़म छुपा लेता हूँ सब सेे
karan singh rajput
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कि अब तो नींद से भी है तमाम सी शिकायतें न जाने बात क्या है जो नज़र में आती ही नहीं
karan singh rajput
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कि हम लड़के है हम पर ही ब'अद में दोष आना है मोहब्बत करता है तो कर पर अपना भी मुनाफ़ा देख
karan singh rajput
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कि जिस ने भी दिया है अपना सब कुछ उसे सच में मिला कुछ भी नहीं है
karan singh rajput
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कि हम इक सिक्के के दो पहलू है ऐ दोस्त वो नफ़रत करता है, मैं प्यार करता हूँ
karan singh rajput
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