माना उस के हाल पर उस को मैं यूँँही छोड़ आया ये नहीं लेकिन कि रिश्ता ही मैं उस सेे तोड़ आया वो कहीं पर तो मिलेगा मुझ सेे, इतना तो यक़ीं है इस लिए कल ख़ुद को रस्ते पर कहीं मैं छोड़ आया
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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तूफ़ानों से आँख मिलाओ सैलाबों पे वार करो मल्लाहों का चक्कर छोड़ो तैर के दरिया पार करो
Rahat Indori
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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तुझे गर शर्म आती है पुराने इन लिबासों पे तो मेरी जाँ सड़क पे लोगों को तू बे-लिबादा देख
karan singh rajput
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न पूछो तुम अभी हम लोग काबिल किस तरह होंगे समझ लो यूँँ दिए तूफ़ाँ में जलते जिस तरह होंगे बिछड़के लोग सब मरते नहीं तुम सोचती हो ये मगर मैं सोचता हूँ के वो जीते किस तरह होंगे
karan singh rajput
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ये तो बस मेरा मुक़द्दर नईं सही वरना कोई ऐब नईं “दीवानी“ में
karan singh rajput
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ये कैसा जादू तू ने कर दिया है मुझ पे मेरी जाँ? किसी को भी मैं देखूँ चेहरा तेरा याद आता है
karan singh rajput
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मेरी आँखों का पानी देख ऐ दोस्त जुदाई का सबब ना पूछ मुझ सेे
karan singh rajput
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