किसे ख़बर थी दरख़्तों का ये कटाव कभी हमारे हल्क़ा-ए-अहबाब तक भी आएगा
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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मैं ने पूछा था कि इज़हार नहीं हो सकता दिल पुकारा कि ख़बर-दार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
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सुख़न का जोश कम होता नहीं है वगरना क्या सितम होता नहीं है भले तुम काट दो बाज़ू हमारे क़लम का सर क़लम होता नहीं है
Baghi Vikas
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वरना तो बेवफ़ाई किसे कब मुआ'फ़ है तू मेरी जान है सो तुझे सब मुआ'फ़ है
Vikram Gaur Vairagi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुझ सा है मेरी जान मगर तू तो नहीं है ये फूल तेरी कितनी कमी पूरी करेगा
Ahmad Farhad
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बहुत मुद्दत के बा'द आई है बारिश और उस ज़ालिम के पेपर चल रहे हैं
Ahmad Farhad
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जो ज़ख़्म बाँटते हैं उन्हें ज़ीस्त पे है हक़ मैं फूल बाँटता हूँ मुझे मार दीजिए
Ahmad Farhad
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मैं ठीक सोचता हूँ कोई हद मेरे लिए मैं साफ़ देखता हूँ मुझे मार दीजिए
Ahmad Farhad
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तू कौन है जो उस की कमी पूरी करेगा वो आएगा तो अपनी कमी पूरी करेगा
Ahmad Farhad
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