किसी का 'ऐब मत खोलो तुम अपने आप को देखो बुरा पापी नहीं होता तुम उस के पाप को देखो अगर बनना है तुम को एक बेहतर आदमी तो फिर कलाकारों को मत देखो तुम अपने बाप को देखो
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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यूँँ पतंगों की तरह जो उड़ रहा है तू 'ज़फ़र' जब गिरेगा फ़र्श पे तब होश आएगा तुझे
ZafarAli Memon
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मिरी कश्ती भरे पानी में भी अब धूल खाती है वो सब को याद करती है मुझे ही भूल जाती है
ZafarAli Memon
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सर पटक के रो रहा हूँ मैं गुज़िश्ता रात से छोड़ जाने को कहा था उस ने मुझ सेे ख़्वाब में
ZafarAli Memon
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चाय भी हो, हाथ भी हो उस का मेरे हाथ में मुझ को जन्नत चाहिए और वो भी उस के साथ में
ZafarAli Memon
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ताजमहल फीका लगता था जब तक तू उस के आगे थी
ZafarAli Memon
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