किसी को मिल गई उल्फ़त बिना माँगे ही जीवन में तरसता रह गया कोई किसी के प्यार के ख़ातिर
Related Sher
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
314 likes
More from Rachit Sonkar
ज़िंदगी के मज़े हम से पूछे कोई ज़िंदगी ले रही है हमीं से मज़े
Rachit Sonkar
0 likes
वो समझती है उस का हुनर है फ़क़त इश्क़ में बे-वफ़ा हम भी हो सकते हैं
Rachit Sonkar
1 likes
तुम मुझे याद अब नहीं आते अब मुझे याद हो गए हो तुम
Rachit Sonkar
0 likes
रोज़ डे तो गुज़र गया है,फिर आप क्यूँ ये गुलाब दे रहे हैं
Rachit Sonkar
1 likes
मुझ पर बिछा रही है अपने बदन की चादर मेरे बदन को उस ने बिस्तर बना दिया है
Rachit Sonkar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rachit Sonkar.
Similar Moods
More moods that pair well with Rachit Sonkar's sher.







