kisi ko bhej ke khat hae ye kaisa azab aaya ki har ek puchhta hai nama-bar aaya jawab aaya
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मैं किसी तरह भी समझौता नहीं कर सकता या तो सब कुछ ही मुझे चाहिए या कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
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ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते बात गर दिल की चंद कर लेते आप भी हो ही जाते दीवाने गर किसी को पसंद कर लेते
Sandeep Thakur
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लोग सुन कर वाह-वाही करते हैं हर बार ही रोज़ ही रोता हूँ अब तो मैं किसी सुर-ताल में
nakul kumar
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इक रोज़ खेल खेल में हम उस के हो गए और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए
Vipul Kumar
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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रोक ले ऐ ज़ब्त जो आँसू कि चश्म-ए-तर में है कुछ नहीं बिगड़ा अभी तक घर की दौलत घर में है
Ahsan Marahravi
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किसी माशूक़ का आशिक़ से ख़फ़ा हो जाना रूह का जिस्म से गोया है जुदा हो जाना
Ahsan Marahravi
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ये सदमा जीते जी दिल से हमारे जा नहीं सकता उन्हें वो भूले बैठे हैं जो उन पर मरने वाले हैं
Ahsan Marahravi
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तमाम उम्र इसी रंज में तमाम हुई कभी ये तुम ने न पूछा तेरी ख़ुशी क्या है
Ahsan Marahravi
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मौत ही आप के बीमार की क़िस्मत में न थी वर्ना कब ज़हर का मुमकिन था दवा हो जाना
Ahsan Marahravi
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