कुछ देर यहाँ बैठो वो चाँद झुलस जाए फिर ख़ुद ही कहे ख़ुद से ये दीद मुबारक हो जिस को भी मिलो हँस के ये एक हिदायत दो गुड़िया ये उसे कहना तुम ईद मुबारक हो
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आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
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उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा
Iftikhar Naseem
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हिम्मत, ताकत, प्यार, भरोसा जो है सब इनसे ही है कुछ नंबर हैं जिन पर मैं ने अक्सर फोन लगाया है
Pratap Somvanshi
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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तू बता कैसे मैं ख़ुद को इस तरह से बाँट लूँ एक चुनना है मुझे फिर क्यूँ दहाई छाँट लूँ वो गले लग कर मुझे रोता है 'शुभ' हर बार तो पहले ग़ुस्सा कर चुका हूँ अब ज़रा सा डाँट लूँ
Subodh Sharma "Subh"
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सर्द का मौसम था वो अपने गाँव से चल कर आती थी उस के बालों पलकों पे गिर के शबनम इठलाती थी बुशरा लहजा गाल गुलाबी और बहुत कुछ था लेकिन सब सेे ज़्यादा मुझ को उस की भूरी आँखें भाती थी
Subodh Sharma "Subh"
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तुम हो ज़ोया इश्क़ मेरा इस बनारस की तरह पर मैं कुंदन तो नहीं हूँ जो कलाई काट लूँ
Subodh Sharma "Subh"
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देखता मैं रोज़ सर तन से जुदा होते हुए हाथ में तलवार पकड़े हैं ख़ुदा होते हुए
Subodh Sharma "Subh"
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उस के आगे कहें मजाल करें बोल सकते हैं जो मलाल करें आप शाइ'र हैं कह के वो मुझ सेे रोज़ कहता है इक सवाल करें
Subodh Sharma "Subh"
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