कुछ नहीं पास अब मिरे खोने को फरवरी माह है फ़क़त रोने को
Related Sher
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
325 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
More from Faizan Faizi
सुनो मजनूंँ बने फिरते रहोगे यार कब तक तुम हमारा मशवरा है इश्क़ कोई दूसरा कर लो
Faizan Faizi
1 likes
शराबी आँखें हैं उस की और गाल अच्छा है बरहमन की बात सच हुई ये साल अच्छा है
Faizan Faizi
2 likes
ज़माने से उलझना छोड़ दो ऐ हिंद के लोगों हमारा काम तो बस मुल्क को आगे बढ़ाना है
Faizan Faizi
1 likes
तिरी तस्वीर को मैं ज़ूम कर के बहुत से काम करता जा रहा हूँ
Faizan Faizi
2 likes
फ़रिश्ते कान में बोलेंगे इक दिन चलो सरकार से मिलना नहीं है
Faizan Faizi
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Faizan Faizi.
Similar Moods
More moods that pair well with Faizan Faizi's sher.







