क्या कोई मुझ को चोट पहुंचाता कहीं पत्थर को चोट लगती है
Related Sher
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
283 likes
More from Ramnath Shodharthi
यही तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है मियाँ किसी को इल्म नहीं कल यहाँ पे क्या होगा
Ramnath Shodharthi
1 likes
तुम्हारी आँखों को देखा तो ये यक़ीन हुआ बग़ैर लफ़्ज़ के भी बात-चीत मुमकिन है
Ramnath Shodharthi
1 likes
सुस्त-रफ़्तार वो हो जाते हैं रफ़्ता-रफ़्ता पाँव रखते ही जो रफ़्तार पकड़ लेते हैं
Ramnath Shodharthi
1 likes
तानाशाही पे हवाएँ भी उतर आई हैं अब मैं ने आवाज़ उठाई तो बुझा डाला मुझे
Ramnath Shodharthi
1 likes
ये जो रौनक़ है मेरे चेहरे पर ये मेरे ग़म का कार-नामा है
Ramnath Shodharthi
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ramnath Shodharthi.
Similar Moods
More moods that pair well with Ramnath Shodharthi's sher.







