लगता है बद-तमीज़ को भी आने लग गए उस्ताद हम से शे'र सुधरवाने लग गए
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नई नई आँखें हों तो हर मंज़र अच्छा लगता है कुछ दिन शहर में घू में लेकिन अब घर अच्छा लगता है
Nida Fazli
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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अच्छे शे'र सुनाने वाले लड़के सुन अच्छे शाइ'र तन्हा ही रह जाते हैं
Ritesh Rajwada
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तुम्हारे आने की उम्मीद बर नहीं आती मैं राख होने लगा हूँ दिए जलाते हुए
Azhar Iqbal
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मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है किसी का भी हो सर क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता
Javed Akhtar
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ज़िन्दगी को हम से मिलवा दीजिए उस को जीने के तरीके सिखला दे
Sachin Sharma
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शे'र कहने के न चक्कर में पड़े कुछ नहीं होगा यूँँ बिस्तर में पड़े हो के ग़ुस्से में पिताजी ने कहा तोड़ते हो रोटियाँ घर में पड़े
Sachin Sharma
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वो उधर फूलों की सेज पर है ज़िन्दगी आख़िरी स्टेज पर है बात जो सखियाँ करवा रही थीं उन का भी फोन इंगेज पर है
Sachin Sharma
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तुझे देखना है क़रीब से तू जो पास आ के यूँँ बैठ जा तिरे होंठ सुर्ख़ गुलाब हैं तो गुलाब को अभी चूम लूँ
Sachin Sharma
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नाम हो विख्यात ऐसे सामने ये असलियत हो बाल ऐसे बिखरे हो और जौन जैसी कैफ़ियत हो
Sachin Sharma
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