माथे से उस की आँख तक पहुँचा ही था घबरा के उस ने कह दिया अब यार बस
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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आज तो दिल के दर्द पर हँस कर दर्द का दिल दुखा दिया मैं ने
Zubair Ali Tabish
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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तसव्वुर था उसे ख़ुद की मुकम्मल सी ग़ज़ल कहता नदामत है कि वो दुल्हन किसी की बन चुकी होगी
Rovej sheikh
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न जाने मुझ को तेरे बा'द दोस्त ये हो क्या रहा तिरे लिए लिखा हुआ मैं ग़ैर को सुना रहा
Rovej sheikh
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मुसलसल कोशिशों के बा'द मैं उस बाब तक पहुँचा सो फिर जाके कहीं जाना मैं तेरी ख़्वाब तक पहुँचा ख़ुदा जाने कहाॅं खो बैठा था 'रोवेज' मैं ख़ुद को सो ख़ुद की जुस्तुजू करते हुए महताब तक पहुँचा
Rovej sheikh
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तन्हा कमरे में सदा बैठ के रोने का मज़ा हम ग़रीबों के सिवा कौन समझ सकता है
Rovej sheikh
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ये तू किस दुश्मनी की दिल में कसक लाया है ज़ख़्म भरने के लिए यार नमक लाया है
Rovej sheikh
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