मैं कुछ दिन से अचानक फिर अकेला पड़ गया हूँ नए मौसम में इक वहशत पुरानी काटती है
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
More from Liaqat Jafri
जहाँ जो था वहीं रहना था उस को मगर ये लोग हिजरत कर रहे हैं
Liaqat Jafri
25 likes
मेरी जानिब न बढ़ना अब मोहब्बत मैं अब पहले से मुश्किल रास्ता हूँ
Liaqat Jafri
27 likes
इश्क़ तू ने बड़ा नुक़सान किया है मेरा मैं तो उस शख़्स से नफ़रत भी नहीं कर सकता
Liaqat Jafri
32 likes
कितना दुश्वार है जज़्बों की तिजारत करना एक ही शख़्स से दो बार मोहब्बत करना जिस को तुम चाहो कोई और न चाहे उस को इस को कहते हैं मोहब्बत में सियासत करना
Liaqat Jafri
31 likes
मैं बहुत जल्द लौट आऊँगा तुम मिरा इंतिज़ार मत करना
Liaqat Jafri
32 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Liaqat Jafri.
Similar Moods
More moods that pair well with Liaqat Jafri's sher.







