sherKuch Alfaaz

मैं तिरी मोहब्बत की कभी भी बर्बादी नहीं करूँंँगा मर मिटूंँगा लेकिन और किसी से मैं शादी नहीं करूँंँगा

Faiz Ahmad1 Likes

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

Jaun Elia

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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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कोई कासिद नहीं है मेरे क़रीब तेरे ख़त मेरे तक नहीं आते

Faiz Ahmad

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तुरफ़ा-ओ-चेहरा-ए-तरब थी तुम जीने का इक फ़क़त सबब थी तुम था मुलाज़िम ख़ुदा का इस ख़ातिर दिल-ए-मज़दूर की कसब थी तुम

Faiz Ahmad

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दिल को ले कर सुब्ह से ये ही गुमान आ रहा है जब कोई ज़ख़्म नहीं क्यूँ ये निशान आ रहा है तुम पे रहमत भी अज़ीयत की तरह बरसेगी देखते जाओ कि अहमद रमाज़ान आ रहा है

Faiz Ahmad

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दिल-ए-नादाँ को अक़्ल दे रहा हूँ मय को मरहम की शक़्ल दे रहा हूँ जो मोहब्बत पनप रही मुझ में उसे नफ़रत की शक़्ल दे रहा हूँ

Faiz Ahmad

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हराम कह के मज़े को ख़राब करते हैं ये पारसा मिरा पीना अज़ाब करते हैं तुझे ख़बर नहीं ख़लवत में तुझ को सोच के हम कि रोज़ क्या अमल-ए-ना-सवाब करते हैं

Faiz Ahmad

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