mard ka tasawwur hamesha aurton ko ismat ke tane hue rasse par khada kar deta hai.
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ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है नींद हमेशा मुझ सेे धोखा करती है उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वग़ैरा करती है
Tehzeeb Hafi
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ख़ुश रहते हैं हँस सकते हैं भोले भाले होते हैं वो जो शे'र नहीं कहते हैं क़िस्मत वाले होते हैं पीना अच्छी बात नहीं है आते हैं समझाने दोस्त और ढलते ही शाम उन्हें फिर हमीं सँभाले होते हैं
Vineet Aashna
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वो बे-वफ़ा है हमेशा ही दिल दुखाता है मगर हमें तो वही एक शख़्स भाता है
Shahryar
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जो हो इक बार वो हर बार हो ऐसा नहीं होता हमेशा एक ही से प्यार हो ऐसा नहीं होता
Nida Fazli
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इसी होनी को तो क़िस्मत का लिखा कहते हैं जीतने का जहाँ मौक़ा था वहीं मात हुई
Manzar Bhopali
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ज़िंदगी का हर वरक़ बा-शौक़ पढ़िए ये किताब इक रोज़ लौटानी भी तो है
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ये चंद बे-जान से ही अश'आर हैं मिरे प्यार के ख़ातिर मिरी ग़ज़ल एक बेवा के आँसुओं में इस तरह डूबी है
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ये चाँद तुम्हारे मुक़ाबिल भी तो नहीं मैं तुम को देख के ईद मनाऊँगा
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ये हवाओं की संगत का फल था कि अब आइने में नहीं दिखता मेरा बदन
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वो शहर मेरा क्यूँ छोड़ दिया अब किस को देख के शे'र कहूँ
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