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मौत ज़िंदगी में ये वक़्त बाँट दूँगा मैं बैठ कर कभी दोनों सब हिसाब कर लेंगे

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो

Jaun Elia

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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है

Zubair Ali Tabish

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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

Ahmad Faraz

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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं

Azhar Iqbal

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या नशे में या दुआ में हर ज़बाँ खुलती है आख़िर सिर्फ़ यज़्दाँ और साक़ी राज़ सबके जानते है

Nikhil Tiwari 'Nazeel'

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यूँँ तख़्त-गाह से रब का तबादला देखा इसी बिना पे फ़रिश्तों में फ़ासला देखा

Nikhil Tiwari 'Nazeel'

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रहें जो भीड़ में भी दूर से पहचान जाती है बिना बोले सुने बातें सभी की जान जाती है ग़नीमत है कि रुतबे से गुमाँ नासाज़ है इस के तभी तो बात ये लड़की हमारी मान जाती है

Nikhil Tiwari 'Nazeel'

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तू ने दोज़ख़ माँगा था मैं ले आया तुझ को क्या करना उस से जो गिरवी है

Nikhil Tiwari 'Nazeel'

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ज़ुल्म के क़िस्से सुनाए जब कभी तफ़्सीर से ख़ून धीरे से उतर आया मिरी तस्वीर से मैं ज़मीं से यूँँ लिपट कर रो नहीं सकता फ़क़त आसमाँ ने बाँध रक्खा है मुझे ज़ंजीर से

Nikhil Tiwari 'Nazeel'

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