या नशे में या दुआ में हर ज़बाँ खुलती है आख़िर सिर्फ़ यज़्दाँ और साक़ी राज़ सबके जानते है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये कि मेरा आसमाँ जो आ गया नज़र तुम्हें बारिशें सिखा रही हैं इक नया हुनर तुम्हें
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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यूँँ तख़्त-गाह से रब का तबादला देखा इसी बिना पे फ़रिश्तों में फ़ासला देखा
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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ज़ुल्म के क़िस्से सुनाए जब कभी तफ़्सीर से ख़ून धीरे से उतर आया मिरी तस्वीर से मैं ज़मीं से यूँँ लिपट कर रो नहीं सकता फ़क़त आसमाँ ने बाँध रक्खा है मुझे ज़ंजीर से
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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मैं उस के हर सहीफे को उठा कर देख लेता हूँ कि ग़ज़लों में कहीं मेरा भी शायद ज़िक्र करता हो
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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साज़िशें हज़ार कर तू मौत से लड़ा मुझे ऐ मिरे अज़ीज़ एक मर्तबा हरा मुझे मुस्कुराते दिन के सुख से अब मुझे है क्या ग़रज़ तू उदास शाम की वो सिसकियाँ गिना मुझे
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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