तू ने दोज़ख़ माँगा था मैं ले आया तुझ को क्या करना उस से जो गिरवी है
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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ज़ुल्म के क़िस्से सुनाए जब कभी तफ़्सीर से ख़ून धीरे से उतर आया मिरी तस्वीर से मैं ज़मीं से यूँँ लिपट कर रो नहीं सकता फ़क़त आसमाँ ने बाँध रक्खा है मुझे ज़ंजीर से
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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या नशे में या दुआ में हर ज़बाँ खुलती है आख़िर सिर्फ़ यज़्दाँ और साक़ी राज़ सबके जानते है
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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नज़ील इश्क़ का अंजाम देखते ही तो तिरे मुहिब ने गुलाबों से हाथ खींचे हैं
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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ये कि मेरा आसमाँ जो आ गया नज़र तुम्हें बारिशें सिखा रही हैं इक नया हुनर तुम्हें
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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मौत ज़िंदगी में ये वक़्त बाँट दूँगा मैं बैठ कर कभी दोनों सब हिसाब कर लेंगे
Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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