मेरा सब कुछ भी तेरे लिए काफ़ी नहीं था तू मेरे लिए काफ़ी था, मैं काफ़ी नहीं था इस वजह से भी रात को ढालना पड़ा था चाँद का रौशन होना तुझे काफ़ी नहीं था
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Praveen Bhardwaj
ये तो ख़ुद की ग़लती थी शिकायत किस को करना है लो तुम ज़िन्दगी रख लो मुझे तो रोज़ मारना है जाने कैसी घड़ी थी वो मिले तुम जिस में आ कर के तब जो ले गए थे तुम अब उसे ता-उम्र भरना है
Praveen Bhardwaj
1 likes
वो इश्क़ में भी रहते हैं जो होश में कहते हैं झूठ उन को मोहब्बत है नहीं
Praveen Bhardwaj
1 likes
ये फूल तेरे बाग़ के बस नाम के ही फूल हैं तुम खिल रहे हो जैसे वैसे कोई भी खिलता नहीं
Praveen Bhardwaj
1 likes
वो लहर कभी हदों से उतर कर नहीं गया जो कभी उतर कर गया मुड़कर नहीं गया
Praveen Bhardwaj
1 likes
मालूम नहीं ये मुहब्बत हैं या कुछ और मैं तेरे साथ बस उम्र बिताना चाहता हूँ
Praveen Bhardwaj
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Praveen Bhardwaj.
Similar Moods
More moods that pair well with Praveen Bhardwaj's sher.







