sherKuch Alfaaz
मेरे हाथों से तेरा हाथ इक पल छूट जाता है मुझे अक्सर डरा कर के ये सपना टूट जाता है यहाँ माँझा लिपटने में लगे रहते सभी अपना कोई चुपके से आ कर के पतंगे लूट जाता है
Krishnakant Kabk7 Likes
मेरे हाथों से तेरा हाथ इक पल छूट जाता है मुझे अक्सर डरा कर के ये सपना टूट जाता है यहाँ माँझा लिपटने में लगे रहते सभी अपना कोई चुपके से आ कर के पतंगे लूट जाता है
More moods that pair well with Krishnakant Kabk's sher.
Our suggestions based on Krishnakant Kabk.