मेरे तोहफ़ों ने मोहब्बत का भरम तोड़ दिया चूड़ियाँ तंग निकल आई हैं और हार खुले
Related Sher
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
More from Ahmad Abdullah
बात यूँँ है कि ज़माने में बहारों का भरम आप के नाम से है आप मेरे नाम से हो इतनी रौशन तो कोई चीज़ नहीं होती है आप शायद किसी सय्यारा-ए-गुमनाम से हो
Ahmad Abdullah
28 likes
इस सोच का क़ब्ज़ा मेरे इदराक पे होना अफ़लाक पे होने के लिए ख़ाक पे होना दुनिया मुझे पूछे कि ये ख़ुशबू है किधर की और मेरा ख़याल आप की पोशाक पे होना
Ahmad Abdullah
29 likes
तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मुयस्सर हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं
Ahmad Abdullah
33 likes
पता करो कि मेरे साथ कौन उतरा था ज़मीं पे कोई अकेला नहीं उतरता है
Ahmad Abdullah
52 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ahmad Abdullah.
Similar Moods
More moods that pair well with Ahmad Abdullah's sher.







