बात यूँँ है कि ज़माने में बहारों का भरम आप के नाम से है आप मेरे नाम से हो इतनी रौशन तो कोई चीज़ नहीं होती है आप शायद किसी सय्यारा-ए-गुमनाम से हो
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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इस सोच का क़ब्ज़ा मेरे इदराक पे होना अफ़लाक पे होने के लिए ख़ाक पे होना दुनिया मुझे पूछे कि ये ख़ुशबू है किधर की और मेरा ख़याल आप की पोशाक पे होना
Ahmad Abdullah
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तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मुयस्सर हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं
Ahmad Abdullah
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पता करो कि मेरे साथ कौन उतरा था ज़मीं पे कोई अकेला नहीं उतरता है
Ahmad Abdullah
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मेरे तोहफ़ों ने मोहब्बत का भरम तोड़ दिया चूड़ियाँ तंग निकल आई हैं और हार खुले
Ahmad Abdullah
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