तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मुयस्सर हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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बात यूँँ है कि ज़माने में बहारों का भरम आप के नाम से है आप मेरे नाम से हो इतनी रौशन तो कोई चीज़ नहीं होती है आप शायद किसी सय्यारा-ए-गुमनाम से हो
Ahmad Abdullah
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इस सोच का क़ब्ज़ा मेरे इदराक पे होना अफ़लाक पे होने के लिए ख़ाक पे होना दुनिया मुझे पूछे कि ये ख़ुशबू है किधर की और मेरा ख़याल आप की पोशाक पे होना
Ahmad Abdullah
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मेरे तोहफ़ों ने मोहब्बत का भरम तोड़ दिया चूड़ियाँ तंग निकल आई हैं और हार खुले
Ahmad Abdullah
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पता करो कि मेरे साथ कौन उतरा था ज़मीं पे कोई अकेला नहीं उतरता है
Ahmad Abdullah
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