मेरी आँखों को अश्क दे बेशक मेरे होंठों को पर हँसी भी दे अब कोई हो अगरचे ऐसा हो जो मुझे वक़्त भी घड़ी भी दे
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं
Rahat Indori
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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तेरी क़ुर्बत में उम्रभर रह कर मेरी अंतिम तलब मुहब्बत थी
Upendra Bajpai
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कितनी परियों की नसीहत ले कर ऐसी आँखें बनाई जाती हैं
Upendra Bajpai
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अब के ऐसा हाल बनाया है मैं ने देखोगे तो सद में में आ जाओगे
Upendra Bajpai
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ये जो कहने को कई लोग हैं मेरे अपने ये कई लोग तो ग़ैरों से भी वाबस्ता है
Upendra Bajpai
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उस ने पूछा याद हमारी आती है कोई अपनी बर्बादी को भूलता है
Upendra Bajpai
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