sherKuch Alfaaz

मेरी नम आँखों में सावन देखते हैं ये उम्र भर रोते रहो इनको हँसाने में

nakul kumar62 Likes

Related Sher

हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे

Vikram Gaur Vairagi

333 likes

हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा

Bashir Badr

373 likes

जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है

Shabeena Adeeb

368 likes

तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

339 likes

मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

Tehzeeb Hafi

388 likes

More from nakul kumar

तुम्हें जब वक़्त मिल जाए चले आना कभी मिलने उभर आई हैं कुछ बातें वही सब बात करनी हैं तिरी आँखों में रह कर फिर नए कुछ दिन उगाने हैं तिरी ज़ुल्फ़ों तले वो कुछ पुरानी रात करनी हैं

nakul kumar

1 likes

ये दिन महीने साल ये रातों का क्या करुँ चुभने लगी हैं अब तिरी बातों का क्या करुँ ये रात हैं जो सात ये मुश्किल से हैं कटीं ये दिन भी तो हैं सात ही सातों का क्या करुँ

nakul kumar

6 likes

सोच कर ये मन की मन में मार देते हैं सभी ख़ास बातें हर किसी से तो कही जाती नहीं

nakul kumar

6 likes

सर्द रात आवारगी ये आशियाँ फ़र्श है सारी ज़मीं छत आसमाँ तू मिरे ज़ेहन-ओ-जहाँ में हर घड़ी मैं तिरी दुनिया में आख़िर हूँ कहाँ

nakul kumar

6 likes

मैं खड़ा हूँ दोस्तों के बीच में ऐसे गौकशों के गाँव में गैया खड़ी जैसे

nakul kumar

6 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on nakul kumar.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with nakul kumar's sher.