मिरी ज़बान से अल्फ़ाज़ कोई निकले गर तिरी ज़बान सा अंदाज़-ए-गुफ़्तगू आए
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
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मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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तुम्हें मुझ सेे मोहब्बत हो गई है अरे पहले बताना चाहिए था
Shivsagar Sahar
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दिल पे सिक्का जमा नहीं पाया इतनी हिम्मत जुटा नहीं पाया मेरी इस आशिक़ी पे लानत है उस को पागल बना नहीं पाया
Shivsagar Sahar
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कभी तो अपनी तरफ़ भी देखो वफ़ा जो हम को सिखा रहे हो
Shivsagar Sahar
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बात अधूरी रह जाती अक्सर मेरी तुम कहती हो जल्दी-जल्दी बोलो ना
Shivsagar Sahar
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एक माहौल ही तो बदला है आप रोने पे आ गए साहिब
Shivsagar Sahar
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