मिला हर ग़म पुराना अब, हमें है भाता जानेमन उन्हीं ग़म के सहारे दिल, तुम्हें है पाता जानेमन अगर तुम छोड़ कर हम को, न जाती इस तरह से तो ज़माना जीतने का दम, कहाँ से आता जानेमन
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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दर्द-ए-मुहब्बत दर्द-ए-जुदाई दोनों को इक साथ मिला तू भी तन्हा मैं भी तन्हा आ इस बात पे हाथ मिला
Abrar Kashif
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जमाना समझता हमारा विरह है बिछड़ के अलग हम हुए ही नहीं हैं
Kavi Naman bharat
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स्वयं की खोज में जिस ने स्वयं का मूल जाना है नुकीले शूल को उस ने यहाँ पर फूल जाना है सभी नदियों की चाहत है समुंदर जीत लेना पर समुंदर से मिलन पर तो स्वयं को भूल जाना है
Kavi Naman bharat
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सुनी बात जग की,तो ऐसा हुआ फिर, जले जल में रघुवर,सिया के विरह में
Kavi Naman bharat
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राह उन सेे हमारी अलग यूँँ रही साथ चल कर कभी हम मिले ही नहीं
Kavi Naman bharat
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वचन आपने जो निभाया नहीं था, इरादा हमें क्यूँ जताया नहीं था तुम्हारे हृदय के भवन में बहुत हैं, हमें ये कभी क्यूँ बताया नहीं था
Kavi Naman bharat
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