मिलेगी क़ैद से कैसे रिहाई कौन सोचेगा यहाँ तेरे सिवा तेरी भलाई कौन सोचेगा ज़माने भर का तू सोचेगा तो फिर तेरे बारे में मुझे तू ही बता दे मेरे भाई, कौन सोचेगा?
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने इशारा कर दिया है आप की तरफ़ मैं ने ये बच्चे पूछ रहे थे कि बे-वफ़ा माने
Kushal Dauneria
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होंठ जो कहते है सब कुछ झूठ है आँख सच कहती है उस की बात सुन
Siddharth Saaz
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ये ग़म हम को पत्थर कर देगा इक दिन कोई आ कर हमें रुलाओ पहले तो
Siddharth Saaz
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तुम सेे बिछड़ के हम को यही लग रहा है अब जैसे मिटा दिया है ख़ुदा ने लिखा हुआ
Siddharth Saaz
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और आसान नहीं हो सकता फ़रियादों को पूरा करना एक ही आस लगा रक्खी है, ख़ुदा सभी बंदों ने तुझ सेे
Siddharth Saaz
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`तू मेरे पास आ कर बैठ मुझ सेे बात कर ऐ दोस्त ये मुमकिन है कोई दरिया ख़राबों से निकल आए
Siddharth Saaz
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