mere ghar mein to koi bhi nahin hai khuda jaane main kis se dar raha hun
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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तुम राह में चुप-चाप खड़े हो तो गए हो किस किस को बताओगे कि घर क्यूँँ नहीं जाते
Ameer Qazalbash
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मेरे पड़ोस में ऐसे भी लोग बसते हैं जो मुझ में ढूँड रहे हैं बुराइयाँ अपनी
Ameer Qazalbash
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आज की रात भी गुज़री है मिरी कल की तरह हाथ आए न सितारे तिरे आँचल की तरह
Ameer Qazalbash
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इक परिंदा अभी उड़ान में है तीर हर शख़्स की कमान में है
Ameer Qazalbash
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मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा
Ameer Qazalbash
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