मोहब्बत की क्या दास्ताँ हम सुनाएँ न देखी कभी थी न जानी कभी थी मोहब्बत का झूठा है इल्ज़ाम हम पर करी थी कभी भी न मानी कभी थी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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तिरे होंठों की खिलती हर हँसी तक कर गुल अब सीखेंगे खिलने का हुनर तुझ सेे
Manish Yadav
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कुछ ऐसा सितम वक़्त ने मुझ पे जो किया है चाहा जिसे भी वो ही गया हाथ छुड़ा के
Manish Yadav
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उदासी का सबब था और कुछ यारो सबब सब तेरा जाना ही समझ बैठे
Manish Yadav
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रक्खे थे हिफाज़त से जो ख़त मैं ने वो सब आज वापस मैं यहाँ आया हूँ दरिया में बहा के
Manish Yadav
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तुम जिस्मों का प्यार समझ बैठे हम को तो रूहों तक जाना था
Manish Yadav
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