तिरे होंठों की खिलती हर हँसी तक कर गुल अब सीखेंगे खिलने का हुनर तुझ सेे
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ये आईने में जो मुस्का रहा है मेरे होंठों का दुख दोहरा रहा है मेरी मर्ज़ी मैं उस पे जो लुटाऊँ तुम्हारी जेब से क्या जा रहा है
Tehzeeb Hafi
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कोई होंठों पे उँगली रख गया है उसी दिन से मैं लिखकर बोलता हूँ
Fahmi Badayuni
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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
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तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है मेरी तरह उसे भी किताबों का शौक़ है
Charagh Sharma
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किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहीं वो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन में नहीं
Farhat Ehsaas
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तुम जिस्मों का प्यार समझ बैठे हम को तो रूहों तक जाना था
Manish Yadav
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मोहब्बत लफ़्ज़ से वाक़िफ़ यहाँ सारा ज़माना है मोहब्बत जब कभी होवे कहाँ दिल का ठिकाना है
Manish Yadav
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मैं चाह के हर दर्द मिटा भी नहीं सकता कुछ दर्द हैं ऐसे जिन्हें रखना है सजा के
Manish Yadav
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हॅंसता रहता हूँ इस का ये मतलब है ये जी रहा हूँ मैं अब ख़्वाहिशों के बिना
Manish Yadav
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न मालूम अब मिरा ग़म हो किसी को हुनर हॅंसने का सीखा इस लिए है दुखाया दिल किसी का भी न मैं ने मुझे वो दर्द देता किसलिए है
Manish Yadav
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