मुझे याद करने से ये मुद्दआ' था निकल जाए दम हिचकियाँ आते आते
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला
Munawwar Rana
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मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है मेरी जाँ चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है
Dagh Dehlvi
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फ़क़त नब्ज़ से हाल ज़ाहिर न होगा मेरा दिल भी ऐ चारा-गर देख लेना
Dagh Dehlvi
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ख़ुदा की क़सम उस ने खाई जो आज क़सम है ख़ुदा की मज़ा आ गया
Dagh Dehlvi
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वा'दा झूटा कर लिया चलिए तसल्ली हो गई है ज़रा सी बात ख़ुश करना दिल-ए-नाशाद का
Dagh Dehlvi
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हज़ारों काम मोहब्बत में हैं मज़े के 'दाग़' जो लोग कुछ नहीं करते कमाल करते हैं
Dagh Dehlvi
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