मुखौटे ओढ़ कर आते रहें वो बात करने मगर आवाज़ से पहचान लेते थे उन्हें हम
Related Sher
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
211 likes
कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता
Tehzeeb Hafi
164 likes
More from Vishakt ki Kalam se
तुझे मिल कर लगा था रब मिलेगा नहीं जो अब मिला फिर कब मिलेगा
Vishakt ki Kalam se
1 likes
टूट जाने की हदों को पार कर के सोचता हूँ काश मैं भी टूट जाता छोड़ देता मैं समुंदर पार करना हाथ जो ग़म का वहीं पर छूट जाता
Vishakt ki Kalam se
1 likes
टूटती उम्मीद बन कर तुम ज़रा नज़दीक आओ उड़ चुके जो होश थामो गीत ऐसा गुनगुनाओ
Vishakt ki Kalam se
1 likes
उसे तो मिल गया था साथ सबका यहाँ पर हम अकेले फिर रहे हैं
Vishakt ki Kalam se
1 likes
ज़रूरी तो नहीं उस की हँसी में प्यार ही हो हँसी के इस जहाँ में और भी मतलब बहुत हैं
Vishakt ki Kalam se
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vishakt ki Kalam se.
Similar Moods
More moods that pair well with Vishakt ki Kalam se's sher.







